Skip to main content

कविता - कोरे पन्ने write by Garima Jahangirpuri

कविता - कोरे पन्नें.............

कोरे पन्नों पर अपने भाव उकेर देते है
किसी से न कहे थे जो
वो शब्द
इन पन्नों में बांध गए है,
महज पन्नें नहीं हैं ये
सदियों पुरानी कहानी कह देते हैं
इसलिए तो....
कोरे पन्नों पर अपने भाव उकेर देते हैं।
महज़ किताबों के पन्नें ही नहीं
ज़िंदगी के पन्नें भी रोज़ पलटते हैं,
रोज़ कुछ नए, अनजाने चेहरे मिलते हैं
न वो याद रखते हैं, न हम उन्हें याद करते हैं
मिलकर आगे चल देते हैं,
और ज़िन्दगी के....
कोरे पन्नों पर अपने भाव उकेर देते हैं।
जाने अनजाने चेहरे आस-पास रहते हैं
हँसी-ठाके उन्हीं के साथ करते हैं,
फिर क्यों?
उस भीड़ में भी हम अकेले रहते हैं,
और आखिर में....
कोरे पन्नों पर अपने भाव उकेर देते हैं।
कुछ अनजान सहारे अपना हाल बता देते हैं
पल भर के लिए वे अपने रहते हैं
फिर जाने किस ओर रुख मूड लेते हैं,
भूल से याद आने पर
इन पन्नों पर ही वापस मिलते हैं,
तभी तो हम....
कोरे पन्नों पर अपने भाव उकेर देते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

डिटेक्टिव करुण नायर - मुर्दों के गुमशुदा होने का रहस्य

ये 71’ की शुरुआत की बात है। जनवरी बीत चुकी है और फरवरी की शुरुआत हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों से करुण के पास कोई ऐसा केस नही आया जिसमे करुण अपनी रुचि दिखाए। करुण का स्पष्ट कहना था कि जो केस बिना रहस्यों के होते है उनको हल करने का काम पुलिस को ही करने देना चाहिए। करुण अक्सर कभी कभी ऐसी बात कर जाता था जिनको समझना मुश्किल ही नही कभी कभी नामुमकिन होता था। वह शांति पसंद प्राणी था। वह अक्सर अपना सुबह और शाम का समय आँगन में पीपल के पेड़ के नीचे चाय पीते और अखबार पढ़ते हुए बिताता था। लेकिन दोपहर में वह अपने कमरे में बैठकर कुछ ना कुछ छानबीन करने में बीतता था। वह रसायन और भौतिक विज्ञान में काफी रुचि लेता था। खैर करुण इतिहास में काफी कमजोर था इसलिए वह बिल्कुल भी इतिहास से जुड़े विवाद से अलग ही रहता था क्योंकि उसका कहना था कि “इतिहास हमे सिखाता है कि इतिहास हमे कुछ नही सिखाता” करुण अपने केस बढ़े ध्यानपूर्वक लेता था। अगर किसी का केस रहस्यों से भरा दिखता था तो वह बिना फीस लिए भी केस को सुलझाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लेता था। मै जब उससे इसका कारण पूछता था तो वह हँसकर कहता था कि सुजान “पैसों की ज्यादा इच्छ...

आल्हा और उदल की कहानी भाग - 1

  यह कहानी उन वीर योद्धाओ की है जिन्हे पुरे भारतवर्ष में जाना जाता है देशराज और बेशराज दो भाई महोबे के राजा परमाल के सेनापति थे युद्ध कौशल में नपुण होने के साथ साथ वरदानी भी थे उनके हाँथ में हथियार जब तक रहता उन दोनों को हराना सम्भव नहीं था एक दिन दोनों भाई महोबे के बगीचे में रात को आराम कर रहे थे तभी माड़ौगढ़ के राजा जम्बे और उसके बेटे करिया ने महोबे पर आक्रमण कर दिया। उरई के राजा माहिल के भड़काने पर दोनों भाइयो को जम्बे कैद करके माड़ौगढ़ ले जाता है और उनके शरीर को कोल्हू ( गुड़ बनाने वाली मशीन जिसमे गन्ना डाला जाता है ) उसमे डलवा देता है और उनकी खोपड़ी को बरगद के पेड़ पर लटका देता है देशराज की पत्नी गर्भ से थी और बिना पति के मानो टूट सी गई थी कुछ समय पश्चात् ऊदल का जन्म 12 वी सदी में जेठ दशमी दशहरा के दिन दसपुरवा महोबा में हुआ। माता देवल ने अपने बेटे को यूँही जमीन पर गिरा रहने दिया वह जानती थी जब उसके दोनों पुत्र आल्...

ब्लॉगिंग से पैसा कैसे कमाए

ब्लॉगिंग का मतलब क्या है? अपने विचारों, ज्ञान, अनुभव को एक वेबसाइट का रूप दे देना इसमें आप जिस काम मे अच्छे है वो कर सकते है जैसे की अगर आप डॉक्टर है तो हेल्थ ब्लॉग बनाना होगा। फायदे क्या है? 1. घर बैठे कर सकते है 2. कोई नॉकरी नही है स्वतंत्र रूप से लिख सकते है 3. पैसे कमा सकते है 4. अपने आप को फेमस कर सकते है। पैसा कैसे कमाए ? पैसा कमाना इसमें बहुत मुश्किल है और इसमें पैसा कमाने के सिर्फ गिने चुने तरीके है जैसे गूगल adsense से पैसा कमाना गूगल एडसेंस क्या है? गूगल की advertisement कंपनी है जो की आपके ब्लॉग पर advertisement करेगी और उसका आपको पैसा देगी लेकिन पैसा निकाल आप 100 डॉलर होने पर ही सकते है। और 100 डॉलर करने के लिए महीने में आपके ब्लॉग को पढ़ने वालों की संख्या 5000 लोग और 50000 व्यूज होने चाहिए जो कि आसान तो बिल्कुल भी नही है कुछ लोगो का पूरा साल निकल जाता है 100 डॉलर ही कमाने में 😄 क्या ब्लॉगिंग फ्री में होती है ? हां ओर ना भी क्योंकि फ्री के लिए आप फ्री का डोमिन ओर होस्टिंग तो ले लोगे लेकिन वो ब्लॉग किसी कबाड़ जैसा ही होगा जिसे शायद ही कोई पड़ेगा ओर जो फ...