Skip to main content
कविता – अगर वो खफ़ा है तो उसे खफ़ा ही रहनदो

इश्क़ मोहब्बत प्यार , अगर वफ़ा है तो उसे वफ़ा रहनदो...2
अगर उसे मेरी इस वफ़ा से भी खफ़ा है तो उसे खफ़ा रहनदो....2
इश्क़ मोहब्बत प्यार , अगर वफ़ा है तो उसे वफ़ा रहनदो...।
 अगर तुझे जाना है तो जा , में तेरी यादों में भी जी लूंगा ...2
उसकी तो इन यादों में भी सफ़ा है तो उसे सफ़ा रहनदो ।
इश्क़ मोहब्बत प्यार , अगर वफ़ा है तो उसे वफ़ा रहनदो...1
अब वो , मेरे दिल से निकल कर दिमाग में आ गई है...2
फिर भी , वो मेरी जिंदगी से दफा है तो उसे दफा रहनदो ...
इश्क़ मोहब्बत प्यार , अगर वफ़ा है तो उसे वफ़ा रहनदो...1
वो कहती थी कि, में तेरे बिन नही जी पाऊंगी...2
लेकिन अब अगर वो बेबफा है, तो उसे बेबफा रहनदो...
इश्क़ मोहब्बत प्यार, अगर वफ़ा है तो उसे वफ़ा रहनदो ..
अगर वो मेरी इस वफ़ा से भी खफ़ा है, तो उसे खफ़ा रहनदो ।

Thank you
 By Author Pawan singh


Comments

Popular posts from this blog

शरलॉक होम्स और ऑथर कॉनन डॉयल

शरलॉक होम्स, यह नाम आपने कहीं न कहीं जरूर सुना होगा और यदि नहीं भी सुना है तो भी कोई बात नहीं है दोस्तों, क्योंकि अब समय आ गया है जब हम मि. होम्स के कारनामे सुनेंगे, अ..अ........ मेरा मतलब है कि पढ़ेंगे। शरलॉक होम्स एक ऐसे काल्पनिक किरदार का नाम है जो अपनी अभूतपूर्व तर्क शक्ति, अद्भुत निरीक्षण (observation) क्षमता, साहस और सूझ-बूझ के लिए जाना जाता है। होम्स ने अनेक ऐसी आपराधिक गुत्थियाँ सुलझाईं है जो पुलिस के लिए एक अबूझ पहेली मात्र बन कर रह गई थीं। उनकी विशिष्ट कार्यशैली लोगों को चमत्कृत करके रख देती थी, ठीक एक जादूगर की तरह। इस पात्र की लोकप्रियता का अंदाजा आप केवल इसी बात से लगा सकते हैं की लोग इसे एक काल्पनिक पात्र न मानकर एक जीवित व्यक्ति समझ बैठे थे, और इस कारण उसके नाम के अनेकों पत्र डाक विभाग को मिलने लगे थे जिनमें लोग अपनी समस्याएँ लिखते थे। होम्स के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानियों पर कई टेलीविज़न सीरीज और कुछ फिल्म्स भी बन चुकी है जो दर्शकों द्वारा बहुत पसंद की गईं।
अब तक छप्पन लघु कथाएँ और चार उपन्यास शरलॉक होम्स और उनके डॉ. मित्र जॉन एच. वाटसन पर लिखी जा चुकी है। चार को छोड़कर अ…

Who is writer by Author Pawan Sikarwar

लेखक कौन हो सकता है या लेखक कौन बन सकता है? ऐसे सवाल अक्सर हर लेखक और पाठक के मन मे जरूर उभरता है।
लेकिन इससे पहले यह जानना शायद ज्यादा जरूरी है कि लेखक कौन है? और इसका जबाब है
-“लेखक एक शार्पित इन्सान है”
इस एक पंक्ति में शायद आपके सभी सवालों के जबाब मिल गए होंगे। लेखक एक ऐसा इंसान है जो शार्पित है क्योंकि वह हमेशा कुछ नया लिखने के लिए बेचैन रहता है और उसकी यह बेचैनी ही उसे लेखन से जोड़ती है।
अक्सर मुझसे मेरे पाठक पूछते है कि क्या लेखन के लिए साहित्यिक जीवन होना जरूरी है? और मेरा हमेशा इसपर एक ही जबाब होता है कि – “नही क्योंकि कई ऐसे महान लेखक हुए है जिनके पहले से कोई साहित्यिक जीवन से जुड़ाव नही था। ना ही उनके पिता और ना ही उनके दादा साहित्य से जुड़े हुए थे लेकिन फिर ही वह एक सफल लेखक है और यह मेरे साथ भी हुआ ना ही मेरे परिवार किसी साहित्य जीवन से जुड़ा हुआ था और ना ही मै।
लेखक हर दौर से गुजरता है चांहे फिर वो गरीबी हो, या समाज दुवारा बहिष्कार हो उसका या उसकी आलोचना। लेकिन इसी बीच एक बड़ा तबका एक लेखक को प्रेम भी देता है और सहयोग भी।
समाज और लेखक का रिश्ता ज्यादा अच्छा नही होता है जैसा …

कविता - वाह जनाब क्या शायरी थी wrote by Author Pawan Sikarwar

कविता – वाह जनाब क्या शायरी थी ।
 लेखक - पवन सिंह सिकरवार

ये इश्क़ नही था उसका
ये तो उसकी अख़्तियारी थी
कागज पर लिखे मैने उल्टे सीधे शब्द
लोगो ने कहा वाह जनाब
क्या शायरी थी .....२

मोहब्बत का पर्दा
अब बेपर्दा हो गया
बिन आग के लगी
वो चिंगारी थी
अब कैसे करूँ बयाँ अपना दर्द
मोहब्बत सी लगने वाली
ये कोई उम्रदराज बीमारी थी
कागज पर लिखे मैने उल्टे सीधे शब्द
लोगो ने कहा वाह जनाब
 क्या शायरी थी....३

कृष्ण रंग की मृग थी वो
या वो राधा नाम सी प्यारी थी
शायरी सी सच्ची थी वो
और कविताओं सी संस्कारी थी
कागज पर लिखे मैने उल्टे सीधे शब्द
लोगो ने कहा वाह जनाब
क्या शायरी थी.....४

Write By ©
Author Pawan Singh Sikarwar