Skip to main content

कविता - अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी wrote by Author Pawan Singh

कविता – अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी।

राजनीति के गलियारों से राजनीति भाग गई
इतिहास के पन्नो में क्रांति जाग गई
योजनाए तो बोहोत सुनी
लेकिन पकोड़ा योजना जैसी नही
जैसा रोजगार हमे चाहिये था
 ये तो वैसी नही
लोकतंत्र वाली ये  नूर मुझे बड़ी भाएगी
अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी

मेरे देश मे अंधभक्तिवाद की लहर चल रही है
चार दिवारी में न्याय देने वाली
आंख मीच कर सो रही है ।
अब पकोड़ा योजना आई है
 उम्मीद की लहर बनकर
 डॉक्टर इंजीनियर डिग्री वाला पकोड़ा बेच रहा है
प्रधानमंत्री पकोड़ा योजना से जुड़कर।
इस सरकार में सच बोलने वाले कि सामत आएगी
अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी

ऐसी सरकार से तो हम अब आशिक़ी कर बैठे
रोजगार की उम्मीद छोड़ एक सवाल कर बैठे
क्या इस योजना मे भी
 उन लोगो को आरक्षण मिलएगा
जिंदगी की इस दौर में क्या ?
जनरल यंहा भी रोएगा
राजनीति इतिहास में यह योजना हमे फिर भी रुलायेगी
अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी

बेरोजगारी को क्या बेहतरीन छुपाया है
पकोड़े बेचने को भी कला बताया है
यह सरकार की राजनीति नही
यह तो एक छुरी थी
अगर इसको ही रोजगार कहते हो तो
कांग्रेस क्या बुरी थी
यह योजना  तो बोहोतो को सबक सिखाएगी
अगर बात निकली है तो बोहोत दूर तक जाएगी



This Poem wrote by
Author Pawan Singh

Special thanks for our country’s PM Narendra Modi
If you want to contact me ya give me any suggestions email me sikarwar13579@gmail.com

Comments

Popular posts from this blog

डिटेक्टिव करुण नायर - मुर्दों के गुमशुदा होने का रहस्य

ये 71’ की शुरुआत की बात है। जनवरी बीत चुकी है और फरवरी की शुरुआत हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों से करुण के पास कोई ऐसा केस नही आया जिसमे करुण अपनी रुचि दिखाए। करुण का स्पष्ट कहना था कि जो केस बिना रहस्यों के होते है उनको हल करने का काम पुलिस को ही करने देना चाहिए। करुण अक्सर कभी कभी ऐसी बात कर जाता था जिनको समझना मुश्किल ही नही कभी कभी नामुमकिन होता था। वह शांति पसंद प्राणी था। वह अक्सर अपना सुबह और शाम का समय आँगन में पीपल के पेड़ के नीचे चाय पीते और अखबार पढ़ते हुए बिताता था। लेकिन दोपहर में वह अपने कमरे में बैठकर कुछ ना कुछ छानबीन करने में बीतता था। वह रसायन और भौतिक विज्ञान में काफी रुचि लेता था। खैर करुण इतिहास में काफी कमजोर था इसलिए वह बिल्कुल भी इतिहास से जुड़े विवाद से अलग ही रहता था क्योंकि उसका कहना था कि “इतिहास हमे सिखाता है कि इतिहास हमे कुछ नही सिखाता” करुण अपने केस बढ़े ध्यानपूर्वक लेता था। अगर किसी का केस रहस्यों से भरा दिखता था तो वह बिना फीस लिए भी केस को सुलझाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लेता था। मै जब उससे इसका कारण पूछता था तो वह हँसकर कहता था कि सुजान “पैसों की ज्यादा इच्छ...

आल्हा और उदल की कहानी भाग - 1

  यह कहानी उन वीर योद्धाओ की है जिन्हे पुरे भारतवर्ष में जाना जाता है देशराज और बेशराज दो भाई महोबे के राजा परमाल के सेनापति थे युद्ध कौशल में नपुण होने के साथ साथ वरदानी भी थे उनके हाँथ में हथियार जब तक रहता उन दोनों को हराना सम्भव नहीं था एक दिन दोनों भाई महोबे के बगीचे में रात को आराम कर रहे थे तभी माड़ौगढ़ के राजा जम्बे और उसके बेटे करिया ने महोबे पर आक्रमण कर दिया। उरई के राजा माहिल के भड़काने पर दोनों भाइयो को जम्बे कैद करके माड़ौगढ़ ले जाता है और उनके शरीर को कोल्हू ( गुड़ बनाने वाली मशीन जिसमे गन्ना डाला जाता है ) उसमे डलवा देता है और उनकी खोपड़ी को बरगद के पेड़ पर लटका देता है देशराज की पत्नी गर्भ से थी और बिना पति के मानो टूट सी गई थी कुछ समय पश्चात् ऊदल का जन्म 12 वी सदी में जेठ दशमी दशहरा के दिन दसपुरवा महोबा में हुआ। माता देवल ने अपने बेटे को यूँही जमीन पर गिरा रहने दिया वह जानती थी जब उसके दोनों पुत्र आल्...

Interview with Author Priyanka kartikey

  I NDIAN PAPER INK Publishing Interview   Name – PRIYANKA KARTIKEY Book Name -   MONIKA - THE MURDER MYSTERY Hobbies and Interest -   singing & dancing & writing & reading books. Biographical Info –   5 fit height,  a mole on face. Favourite Quote -    Honesty is the best policy.              Today I’m very lucky to be interviewing Sikho foundation Authors   Que 1:- Hello Sir/Ma’am, thank you for agreeing to this interview. Tell us a little about yourself and your background? Ans:- hello sir, this is Priyanka Kartikeya. I'm Belong to be a small town "Sohagpur" & I'm a very simple girl same as other girls Que 2:- Your every reader and I also wanted to know, Do you write every single day?   Ans:-    thank you for asking this question to me..no sir, actually it's my passion when I'm free from the dai...