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Best motivation poem Wrote by Author Pawan Sikarwar

"मुझे हराने के लिए देखो मेरी
किस्मत ही मेरे खिलाफ खड़ी है
जी रहा हु ऐसे जिंदगी मानो
मेरी लाश कब्र में पड़ी है"

"हिसाब किताब करदो मेरा
मुझे अब कुछ नही कहना तुमसे
बहुत रुलाया है ना मैने?
दूर होकर अब खुश हो ना मुझसे"

"जिंदगी तूने पटक दिया मुझे
लगता है तू लड़ने में ही राजी है
तूने अपनी चाल चल ली ना?
अब इस शतरंज में मेरी बाजी है" 

लेखक - पवन सिकरवार 
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Sikho foundation


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Who is writer by Author Pawan Sikarwar

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कविता - वाह जनाब क्या शायरी थी wrote by Author Pawan Sikarwar

कविता – वाह जनाब क्या शायरी थी ।
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क्या शायरी थी .....२

मोहब्बत का पर्दा
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बिन आग के लगी
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मोहब्बत सी लगने वाली
ये कोई उम्रदराज बीमारी थी
कागज पर लिखे मैने उल्टे सीधे शब्द
लोगो ने कहा वाह जनाब
 क्या शायरी थी....३

कृष्ण रंग की मृग थी वो
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शायरी सी सच्ची थी वो
और कविताओं सी संस्कारी थी
कागज पर लिखे मैने उल्टे सीधे शब्द
लोगो ने कहा वाह जनाब
क्या शायरी थी.....४

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Author Pawan Singh Sikarwar