Skip to main content

Author interview by wingbizz

www.wingbizz.com/pawansingh.html#.Wv2hxt0NKMF.whatsapp
Interview with Pawan Singh Sikarwar | Online Author Interview | Interview by Experts http://www.wingbizz.com/pawansingh.html#.Wv2hxt0NKMF.whatsapp

Comments

Popular posts from this blog

डिटेक्टिव करुण नायर - मुर्दों के गुमशुदा होने का रहस्य

ये 71’ की शुरुआत की बात है। जनवरी बीत चुकी है और फरवरी की शुरुआत हो चुकी है। पिछले कुछ दिनों से करुण के पास कोई ऐसा केस नही आया जिसमे करुण अपनी रुचि दिखाए। करुण का स्पष्ट कहना था कि जो केस बिना रहस्यों के होते है उनको हल करने का काम पुलिस को ही करने देना चाहिए। करुण अक्सर कभी कभी ऐसी बात कर जाता था जिनको समझना मुश्किल ही नही कभी कभी नामुमकिन होता था। वह शांति पसंद प्राणी था। वह अक्सर अपना सुबह और शाम का समय आँगन में पीपल के पेड़ के नीचे चाय पीते और अखबार पढ़ते हुए बिताता था। लेकिन दोपहर में वह अपने कमरे में बैठकर कुछ ना कुछ छानबीन करने में बीतता था। वह रसायन और भौतिक विज्ञान में काफी रुचि लेता था। खैर करुण इतिहास में काफी कमजोर था इसलिए वह बिल्कुल भी इतिहास से जुड़े विवाद से अलग ही रहता था क्योंकि उसका कहना था कि “इतिहास हमे सिखाता है कि इतिहास हमे कुछ नही सिखाता” करुण अपने केस बढ़े ध्यानपूर्वक लेता था। अगर किसी का केस रहस्यों से भरा दिखता था तो वह बिना फीस लिए भी केस को सुलझाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लेता था। मै जब उससे इसका कारण पूछता था तो वह हँसकर कहता था कि सुजान “पैसों की ज्यादा इच्छ...

आल्हा और उदल की कहानी भाग - 1

  यह कहानी उन वीर योद्धाओ की है जिन्हे पुरे भारतवर्ष में जाना जाता है देशराज और बेशराज दो भाई महोबे के राजा परमाल के सेनापति थे युद्ध कौशल में नपुण होने के साथ साथ वरदानी भी थे उनके हाँथ में हथियार जब तक रहता उन दोनों को हराना सम्भव नहीं था एक दिन दोनों भाई महोबे के बगीचे में रात को आराम कर रहे थे तभी माड़ौगढ़ के राजा जम्बे और उसके बेटे करिया ने महोबे पर आक्रमण कर दिया। उरई के राजा माहिल के भड़काने पर दोनों भाइयो को जम्बे कैद करके माड़ौगढ़ ले जाता है और उनके शरीर को कोल्हू ( गुड़ बनाने वाली मशीन जिसमे गन्ना डाला जाता है ) उसमे डलवा देता है और उनकी खोपड़ी को बरगद के पेड़ पर लटका देता है देशराज की पत्नी गर्भ से थी और बिना पति के मानो टूट सी गई थी कुछ समय पश्चात् ऊदल का जन्म 12 वी सदी में जेठ दशमी दशहरा के दिन दसपुरवा महोबा में हुआ। माता देवल ने अपने बेटे को यूँही जमीन पर गिरा रहने दिया वह जानती थी जब उसके दोनों पुत्र आल्...

Best motivation poem Wrote by Author Pawan Sikarwar

"मुझे हराने के लिए देखो मेरी किस्मत ही मेरे खिलाफ खड़ी है जी रहा हु ऐसे जिंदगी मानो मेरी लाश कब्र में पड़ी है" "हिसाब किताब करदो मेरा मुझे अब कुछ नही कहना तुमसे बहुत रुलाया है ना मैने? दूर होकर अब खुश हो ना मुझसे" "जिंदगी तूने पटक दिया मुझे लगता है तू लड़ने में ही राजी है तूने अपनी चाल चल ली ना? अब इस शतरंज में मेरी बाजी है"  लेखक - पवन सिकरवार  Copyright reserved by Sikho foundation